Home International अमेरिकी राजनेता भारत द्वारा पाकसितां के नाभिकीय अस्त्रों का सफाया करवाना चाहते...

अमेरिकी राजनेता भारत द्वारा पाकसितां के नाभिकीय अस्त्रों का सफाया करवाना चाहते है..क्यों?

49
0

अमेरिकी नेताओ ने एक सुझाव के तहत कहा की भारत के साथ मिलकर अमेरिका पाकिस्तान की नाभिकीय साइट जहाँ परमाणु अस्त्र रखे गए है और बनाये जा रहे है पर  एक पूर्व नियोजित हमला कर उन्हें नष्ट करने की चेष्टा रखता है। पूर्व सीनेटर लैरी प्रेसलर के अनुसार ऐसा करने से पहले राष्ट्रपति ट्रम्प को पेंटागन को अपने विश्वास में लेना होगा,जिसने हमेशा से ही पाकिस्तान को प्रोत्साहित किया है। इस तरह के प्रोत्साहन से ही पाकिस्तान अब तक भारत पर लगातार हमले करता आया है।

ट्रम्प के अनुसार पेंटागन एक दलदल जैसा विभाग है जो की वास्तव में एक सच ही है।
प्रेसलर 3 बार सीनेटर और प्रतिनिधी सभा के सदस्य रहे उन्होंने प्रेसलर संशोधन की रचना भी की है कहते है कि 1990 में जब अमेरिका पाकिस्तान की नाभिकीय प्रोग्राम से अनभिज्ञ पर इस तथ्य को प्रमाणित करने के साक्ष्य भी उनके पास नही थे फिर भी  तत्कालीन राष्ट्रपति बुश ने पाकिस्तान की सैन्य मदद रोक दी थी । वैसे हम ये बात नही मानते की कोई भी देश परमाणु बम बना रहा हो और अमेरिका को उसका पता न हो ….। अमेरिका ने  पाकिस्तान के करीब 30 F-16 विमानों पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया था। तब प्रेसलेयर तब रिपब्लिकन और सीनेट की आयुध नियंत्रण उपसमिति के अध्य्क्ष थे..जब ये प्रतिबन्ध पाकिस्तान पर लगे तो उन्हें भारत ने हीरो माना पर पाकिस्तान ने एक “शैतान” की उपाधि दे डाली।

उनकी नयी किताब “neighbours in arms” से विदित होता है कि अमेरिकी विदेश नीतियों का झुकाव हमेशा से ही पाकिस्तान की ओर रहा है और पता भी चलता है अमेरिका ने पाकिस्तान को नाभिकीय सम्पन्नता प्राप्त करने में पूरी मदद की है उनके एक और संस्करण ( Octopus inside the US) ने वाशिंगटन में पाक समर्थित लॉबी के सांस्कृतिक प्रभाव और सैन्य औद्योगिक राज्य पर पकड़ पर प्रकाश डाला है।

प्रेसलेयर ने रिपब्लिकन पार्टी से दूरिया बढा ली और 2014 में सीनेट के चुनावों में स्वतंत्र रूप से चुनाव भी लड़ा, 2016 के चुनावों में उन्होंने हिलेरी को अपना समर्थन दिया – किन्तु ट्रम्प के साथ उनके मतभेद होने के कारण वो महसूस कर रहे की ट्रम्प उतनी सख्त कार्यवाई नही कर पा रहे है जितनी अमेरिकी मीडिया उन्हें करने के लिए उकसा रही है।

ट्रम्प ने पाकिस्तान को आतंक को शरण देने और आतंक का प्रसार करने पर कड़ी कार्यवाई की धमकी दी है तथा भारत को अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापित करने पर पुनः सम्बन्ध स्थापित करने के लिए अमेरिका की सहायता करने के लिए आग्रह भी किया है। अब जैसा की माहौल भारत के पक्ष में बन था है और भारत आउट अमेरिकी विदेश नीति सुदृढ़ होती बन रही है यो ऐसे में अमेरिकी नेताओ का ये सुझाव एक अच्छा वयवहार हो सकता है पर उसके लिए राष्ट्रपति ट्रम्प को अमेरिकी सेना पर अपनी पकड़ और मजबूत करनी होगी तथा अमेरिका से पाकिस्तान को जोड़ने वाले गुट तारो व् सम्बन्धो को अपने नियंत्रन में लेना होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here