Home World

पाकिस्तान के खिलाफ गिलगित-बाल्तिस्तान में सड़कों पर उतरे लोग

0
0
SHARE

लगता है पाकिस्तान के बुरे दिन खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे. पहले पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को गद्दी छोड़नी पड़ी, फिर वहां के इकनोमिक हालात भी दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं. सेना के साथ भी सरकार के सम्बन्ध अच्छे नहीं चल रहे, वहीं चीन के साथ CPEC प्रोजेक्ट पे भी सवालिया निशाँ उठने लगे हैं. अभी पिछले ही दिनों पाकिस्तान ने एक बाँध को CPEC के अंतर्गत लाने से मना कर दिया जिससे चीन को बहुत बुरा लगा.


भारत के साथ उसके सम्बन्धो का पूरी दुनिया को पता है ही. इसी बीच खबर आ रही है की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से सटे गिलगित-बाल्तिस्तान में एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ चिंगारी भड़क गई है. इस बार इस चिंगारी को भड़काने के काम किया है पाकिस्तान द्वारा थोपे गए टैक्स कानून ने. यहां की जनता इन टैक्स कानून को गैरकानूनी करार देते हुए पाक सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है.

स्कर्दू शहर में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर जबरदस्त धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं. शनिवार की सुबह ही स्कर्दू के लोग घरों से बाहर सड़कों पर उतर आए और हाथों में पाकिस्तान के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन करने लगे. स्कर्दू गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र का एक ज़िला है. और यहाँ पे होने वाले प्रदर्शनों का अच्छा ख़ासा असर आस पास के इलाको में देखने को मिलता है.

एक प्रदर्शनकारी ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं गिलगिट-बाल्तिस्तान के लोगों, जो करांची, क्वेटा, लाहौर समेत पाकिस्तान के अन्य इलाकों में रह रहे हैं, से अनुरोध करता हूं कि वे भी अपने-अपने शहरों में सड़कों पर उतर कर पाक सरकार के इस कदम का विरोध करें.’ स्कर्दू के कारोबारियों का कहना है कि वे प्रदर्शनकारियों के साथ हैं और जब तक पाकिस्तान इन करों को वापस नहीं लेता है, वे विरोध जारी रखेंगे.

Kashmiri protesters shout pro-freedom slogans during a protest march in Srinagar, Indian controlled Kashmir, Thursday, Aug. 11, 2016. Kashmir has been under a security lockdown and curfew since the killing of a popular rebel commander on July 8, 2016, sparked some of the largest protests against Indian rule in recent years. (AP Photo/Mukhtar Khan)

इसी बीच यह भी पता लगा है की वहां के सरकारी कर्मचारियों ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने का मन बना लिया है. ऐसा पता लगा है की इन कर्मचारियों को पिछले 7 – 8 महीनो से कोई तनख्वाह भी नहीः मिली है, जिससे इन कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है, और अब यह कभी भी एक बड़े विद्रोह के रूप में फट सकता है.

बता दें कि गिलगित-बाल्तिस्तान में समय-समय पर पाकिस्तान की नीतियों और फैसलों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन होते रहते हैं. पिछले 30 अक्टूबर को यहां के लोगों ने ‘ब्लैक डे’ मनाया था. ‘ब्लैक डे’ का आयोजन आजादी के समय 22 अक्टूबर, 1947 को पाकिस्तानी सेना ने यहां एक बड़ा हमला किया था. उसी हमले की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर समूचे पाक अधिकृत कश्मीर में लोगों ने विरोध प्रकट किया था.

स्कर्दू शहर में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर जबरदस्त धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं. शनिवार की सुबह ही स्कर्दू के लोग घरों से बाहर सड़कों पर उतर आए और हाथों में पाकिस्तान के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन करने लगे. स्कर्दू गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र का एक ज़िला है. और यहाँ पे होने वाले प्रदर्शनों का अच्छा ख़ासा असर आस पास के इलाको में देखने को मिलता है.

Loading...

Leave a Reply