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EXCLUSIVE राहुल की ताजपोशी का ‘टेप कांड’- कांग्रेस राजनीतिक नहीं बल्कि स्‍वामित्‍व वाली पार्टी है: मनीष तिवारी

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शहजाद पूनावाला और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी की बातचीत का एक ऑडियो टेप सामने आया है. इसमें मनीष तिवारी, शहजाद से यह कह रहे हैं कि कांग्रेस राजनीतिक नहीं बल्कि स्‍वामित्‍व वाली पार्टी है. मनीष तिवारी ने यह भी कहा कि भारत में कोई भी राजनीतिक पार्टी नहीं है, सभी स्‍वामित्‍व पार्टी हैं. राहुल गांधी की कांग्रेस अध्‍यक्ष पद पर ताजपोशी से पहले महाराष्‍ट्र कांग्रेस के सचिव रहे और गांधी परिवार के करीबी रिश्‍तेदार शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाते हुए कहा था कि यह चुनावी प्रक्रिया इलेक्‍शन नहीं बल्कि सेलेक्‍शन है. उसके बाद अब शहजाद और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी की बातचीत का एक ऑडियो टेप सामने आया है. इसमें मनीष तिवारी, शहजाद से यह कह रहे हैं कि कांग्रेस राजनीतिक नहीं बल्कि स्‍वामित्‍व वाली पार्टी है.

मनीष तिवारी ने यह भी कहा कि भारत में कोई भी राजनीतिक पार्टी नहीं है, सभी स्‍वामित्‍व पार्टी हैं. इसके साथ ही शहजाद पूनावाला से कहा कि अगर तुम नेता बनना चाहते हो तो कुछ समय के लिए रुक जाओ. बातचीत के दौरान मनीष तिवारी ने शहजाद पूनावाला को ‘क्रांतिकारी’ भी कहा. कांग्रेस अध्‍यक्ष पर राहुल गांधी की ताजपोशी के तौर-तरीकों पर सवाल उठाने की वजह से संभवतया उनको क्रांतिकारी कहा गया. हालांकि जी न्‍यूज इस ऑडियो टेप की पुष्टि नहीं करता लेकिन शहजाद ने जी न्‍यूज से बात करते हुए कहा कि ये टेप बिल्‍कुल सही है.

जी न्‍यूज से बात करते हुए शहजाद ने कहा कि 2011 से ही वे राहुल गांधी से वंशवाद के मुद्दे पर बात करने के लिए समय मांग रहे हैं. इसके साथ ही आरोप लगाते हुए शहजाद ने कहा कि अजय माकन को लगातार हारने के बाद भी तरक्‍की क्‍यों मिल जाती है? शहजाद से जब यह पूछा गया कि उनको कांग्रेस में वंशवाद पर आपत्ति है तो दूसरी किस पार्टी को वो समर्थन देना पसंद करेंगे तो उन्‍होंने कहा मुझे जो दूसरी पार्टी पसंद है, वो ‘कांग्रेस माइनेस डायनेस्‍टी’ है.

उल्‍लेखनीय है कि कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी की ताजपोशी की तैयारियां चल रही हैं. चार दिसंबर को नामांकन की अंतिम तारीख है. राहुल गांधी के सामने फिलहाल किसी की दावेदारी नहीं है. ऐसे में उनका निर्विरोध अध्‍यक्ष चुना जाना तय है. इस बीच दो दिन पहले शहजाद पूनावाला ने विरोध प्रकट करते हुए कहा था कि पार्टी में एक परिवार में से एक ही व्यक्ति को पद मिलना चाहिए. उन्होंने कहा था, ‘मुझे जानकारी मिली है कि पार्टी प्रतिनिधि अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए वोट देने जा रहे हैं. यह तो पहले से ही तय है, फिर वोट डालने का पाखंड क्यों?’ उन्होंने कहा कि सच बोलने पर उन पर हमले किए जाएंगे. लेकिन इसके लिए वे तैयार हैं.

शहजाद पूनावाला के इस बयान के बाद कांग्रेस में हलचल मच गई. महाराष्‍ट्र कांग्रेस नेता अशोक चव्‍हाण ने तो उनको पार्टी का सदस्‍य मानने से ही इनकार कर दिया.

वैसे दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में इन दिनों राहुल को अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारियां चल रही हैं. यह एक चुनावी प्रक्रिया के तहत होगा. नामांकन शुक्रवार यानी एक दिसंबर से भरे जाएंगे. सूत्र बताते हैं कि राहुल 3 दिसंबर को नामांकन दाखिल करेंगे. केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन पूरी चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने प्रदेश के रिटर्निंग अफसरों के साथ मुलाकात भी की है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अप्रैल में मधुसूदन मिस्त्री को पार्टी की केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) का सदस्य नियुक्त किया था. कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन और मिस्त्री के अलावा भुवनेश्वर कलिता को भी इसमें शामिल किया गया है. सीईए पर ही संगठनात्मक चुनाव कराने की जिम्मेदारी होती है. हालांकि राहुल निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाएंगे. अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने के लिए प्रदेश कमेटी के 10 प्रतिनिधियों के समर्थन की जरूरत होती है.

राहुल गांधी की कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर ताजपोशी पर सवाल उठाकर महाराष्‍ट्र कांग्रेस के सचिव शहजाद पूनावाला में राजनीति में हलचल मचा दी है. इस हलचल की चपेट में खुद पूनावाला परिवार भी आ गया है. शहजाद के बयान के खिलाफ खुद उन्हीं के भाई तहसीन खड़े हो गए हैं. विवाद इतना बढ़ गया है कि तहसीन ने अपने भाई से रिश्ते तक खत्म करने का ऐलान कर दिया है. शहजाद पूनावाला महाराष्‍ट्र कांग्रेस के सचिव तो रहे ही हैं, उसके साथ-साथ उनका गांधी परिवार से भी करीबी का रिश्ता रहा है. दरअसल, शहजाद के भाई तहसीन पूनावाला प्रियंका गांधी के ननदोई हैं. रॉबर्ड वाड्रा की कजिन मोनिका वाड्रा की शादी तहसीन पूनावाला के साथ हुई है. 2015 में इनकी शादी हुई थी.

33 साल की मोनिका ज्वैलरी डिजाइनर हैं और स्टोन ज्वैलरी का बिजनेस चलाती हैं. इसके अलावा वह एक अच्छी शेफ और फैशन डिजाइनर भी हैं. हालांकि राजनीति से मोनिका का कोई लेना-देना नहीं है. तहसीन पूनावाला की बात करें तो वे पुणे के एक बड़े बिजनेसमैन हैं. राजनीति में उनकी गहरी रुचि है और तहसीन को अक्सर टीवी की स्क्रीन या पत्र-पत्रिकाओं के पन्नों पर पार्टी प्रवक्ता की तरह कांग्रेस के पक्ष में बहस करते हुए देखा जा सकता है.

तहसीन पहली बार चर्चा में उस समय आए जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहले चाय बेचने की बात पर रेलवे में आरटीआई दाखिल किया. तहसीन ने आरटीआई में पूछा था कि क्या मोदी ने कभी किसी रेलवे स्टेशन पर चाय बेची है, अगर हां, तो रजिस्ट्रेशन नंबर, वेंडर पास आदि उपलब्ध कराए जाएं.

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